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संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है? संविधान एक जीवंत दस्तावेज

संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है?

संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है?

संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है? l संविधान एक जीवंत दस्तावेज के इस अध्याय में हम जानेंगे की कैसे भारतीय संविधान कठोर है l कठोर होने के साथ साथ यह लचीला भी है l

कक्षा 11 राजनीति विज्ञान नोट्स (Latest)

संविधान समाज का आईना होता है l समाज  की इच्छाओं और आकांक्षाओं को संविधान में दर्ज किया जाता है l  भारतीय संविधान एक कठोर संविधान होने के साथ-साथ लचीला भी है l  यह एक लिखित दस्तावेज है l जिसे समाज के प्रतिनिधि तैयार करते हैं l भारतीय संविधान 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन में बनकर तैयार हुआ l 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत किया गया  l 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया l 

भारतीय संविधान क्यों जीवंत दस्तावेज है?

भारतीय संविधान में संशोधन करने की प्रक्रिया

संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है?

संविधान में संशोधन करने के लिए कई प्रकार के तरीके अपनाए जाते हैं l भारतीय संविधान में संशोधन के तीन तरीकों का वर्णन किया गया है l  

संविधान में सशोधन कैसे किया जाता है

भारतीय संविधान संशोधनों के प्रकार

संविधान में किए गए कुछ ऐसे संशोधन होते हैं जो प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए जाते हैं l यह संशोधन बहुत ही मामूली या कम महत्व के होते हैं परन्तु प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक होते हैं l इन्हें प्रशासनिक संशोधन कहा जाता है l वही बात करें दूसरे प्रकार के संशोधन की संविधान की व्याख्या से संबंधित संशोधन होते हैं l तीसरे राजनीतिक आम सहमति से उत्पन्न संशोधन होते है l भारतीय संविधान में यह तीन प्रकार के संशोधन हुए है l

 

भारतीय संविधान संशोधनों के प्रकार

भारतीय संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है? दुनिया के लिए ये प्रश्न काफी महत्वपूर्ण है ? फ्रांस जैसे लोकतान्त्रिक देश में 200 वर्षो में संविधान को 5 बार दोबारा से बनाया गया है l फ़्रांस में अंतिम संविधान 1958 में अस्तित्व में आया l निश्चित रूप से भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज है l

भारतीय संविधान में इतने संशोधन कैसे और क्यों हुए?

भारतीय संविधान में विवादास्पद संशोधन

भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज होने के कुछ कारण

संविधान एक गतिशील दस्तावेज है l भारतीय संविधान का अस्तित्व 70 वर्षों से है l इस बीच यह संविधान अनेक तनाव से गुजरा है l भारत में इतने परिवर्तन होने के बावजूद भी संविधान अपनी गतिशीलता और बदलती हुई परिस्थितियों के अनुसार सामंजस्य के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है l परिस्थितियों के अनुकूल परिवर्तनशील रहकर नई चुनौतियों का सफलतापूर्वक मुकाबला कर रहा है l यही उसकी जीवंतता का प्रमाण है l  समय के अनुसार विभिन्न परिस्थितियों में परिस्थितियां बदलने के कारण संविधान में संशोधन किए जाते हैं l यह सिर्फ एक जीवंत दस्तावेज से ही मुमकिन है l 

भारतीय संविधान के मूल ढांचे में परिवर्तन नहीं किया जा सकता: संविधान में संशोधन कैसे किया जाता है? महत्वपूर्ण तथ्य

सर्वोच्च न्यायालय ने सन 1973 में केशवनंद भारती बनाम केरल सरकार के मामले में निर्णय दिया l इस निर्णय ने संविधान के विकास में सहयोग दिया जो निम्नलिखित है:

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