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वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था कक्षा 10 अर्थशास्त्र नोट्स vaishvikaran aur bhartiya arthvyavastha class 10

वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था 

कक्षा 10 अर्थशास्त्र नोट्स 

वैश्वीकरण

विभिन्न देशों के बीच परस्पर सम्बन्ध और तीव्र एकीकरण की प्रक्रिया को वैश्वीकरण कहते है l वैश्वीकरण से सामाजिक आर्थिक और राजनितिक बदलाव आते है l वैश्वीकरण से व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है l 

वैश्वीकरण के प्रभाव 

सकारात्मक प्रभाव 

  1. वैश्वीकरण से बाज़ार में प्रतिस्पर्धा का माहौल बनता है और गुणवत्ता पूर्ण वस्तुएँ कम कीमतों पर उपलब्ध होती है l 
  2. किसी देश में वैश्वीकरण से सामाजिक बदलाव आ सकते है जैसे उपभोक्ताओं के कपडे पहनने, गाड़ी खरीदने, खाना खाने और शिक्षा के स्तर में बदलाव l
  3. आर्थिक विकास होता है और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होते है l 
  4. विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होती है l 

बहुराष्ट्रीय कंपनी 

  1. वह कंपनी जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर नियंत्रण और स्वामित्व पर नियंत्रण रखती है उसे बहुराष्ट्रीय कंपनी कहते है l 
  2. बहुराष्ट्रीय कंपनी उन देशों में अपने कार्यालय और उत्पादन के कारखाने स्थापित करती है जहाँ उन्हें सस्ता श्रम और अन्य संसाधन मिल सके l 
  3. उसी स्थान पर उत्पादन इकाई लगाती है जहाँ से बाज़ार नजदीक हो l जहाँ कम लागत पर कुशल और अकुशल श्रमिक उपलब्ध हो l 
  4. बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ निवेश करती जिससे वे मुनाफा कमाती है l भूमि भवन मशीन और अन्य उपकरणों पर किये गए खर्च को निवेश कहते है l 

वैश्वीकरण की प्रक्रिया में प्राद्यौगिकी 

  1. परिवहन तकनीकी के विकास होने से सूदूर स्थानों पर वस्तुओं को भेजना सरल और सस्ता हुआ है l 
  2. इन्टरनेट के प्रसार से सूचना तकनीकी में तेजी आई है l विभिन्न देश आपस में जुड़ गए है l 
  3. प्राद्यौगिकी के प्रयोग से समय और निवेश की राशि में कमी की गयी है l जिससे लाभ बढ़ा है l 






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